Archive for September, 2014


ಆಲಸ್ಯ -Shilpa Vairagi


ಓ ಆಲಸ್ಯವೇ ನೀನೇಕೆ ನನ್ನಲ್ಲಿ ಮನೆ ಮಾಡಿರುವೆ ?
ಆಹ್ವಾನವಿಲ್ಲದೆ ನನ್ನ ಮನದಲ್ಲಿ ಬoದು ಕುಳಿತಿರುವೆ?
ನಿನ್ನನ್ನು ಹೊರದೂಡಲು ಎಷ್ಟೆಲ್ಲಾ ಕರಾಮತ್ತು ನಾ ನಡೆಸಿಲ್ಲ?
ನನಗೆ ಗೊತ್ತು ನಿನ್ನಿoದ ನನಗೆ ಎಳ್ಳಷ್ಟೂ ಒಳಿತಿಲ್ಲ.
ಗೊತ್ತಿದ್ದೂ ಗೊತ್ತಿದ್ದೂ ನಿನ್ನ ಬಲೆಯಲ್ಲಿ ಸಿಲುಕಿರುವೆ,
ಪದೇ ಪದೇ ನನ್ನ ಗೆಲುವಿಗೇಕೆ ನೀ ಅಡ್ಡ ಬರುತಿರುವೆ?
ಸಹಿಸಲಾರೆನು ಇನ್ನು, ನಿನ್ನ ಈ ನಿಲುವನು,
ಕೀಳುವೆ ಬುಡಸಹಿತ ಇoದು ನಿನ್ನನು!!
Shilpa Vairagi

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Submitted by: Shilpa Vairagi
Submitted on: Tue Sep 23 2014 17:41:41 GMT+0530 (IST)
Category: Original
Language: ಕನ್ನಡ/Kannada

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आशीष एटीएम से पैसे निकाल ही रहा था की एक होशियार ने उसको चालाकी से दूसरी तरफ घूमा दिया और जब तक आशीष उसको देख पाता वो उसके दस हज़ार रुपए लेकर बाहर की तरफ निकल गया। बस एक गलती वो कर गया की एटीएम मशीन से पर्ची नहीं ले पाया। और उसी पर्ची के बाहर आते आशीष को मालूम पड़ा की उसके रुपए कोई दूसरा निकाल गया।

वो घबराया हुआ बहार आया तो देखा वो बदमाश कार में बस बैठ कर निकलने ही वाला था। 18 साल के आशीष ने दौर लगा दी और कार के सीसे को तोड़ते हुए उस बदमाश की गर्दन पकड़ ली। गाडी के साथ वो रोड पर घिसट गया पर गाडी छोटी थी आल्टो जैसी कोई गंभीर चोट नहीं आई। पर हाथ में सीसे घुस गए थे। फिर चलती गाडी से ही उसने गाडी की चाभी निकाल ली। अब तो वो बदमाश जिसका नाम आसिफ था, उसने घबराकर उसको पैसे वापस करने चाहे। पर देर हो चुकी थी। आसिफ घिर चूका था। भीड़ ने उसकी ठीक से मरम्मत की और उसको पुलिस के हवाले कर दिया गया।

आशीष ने बहादुरी का काम किया था पर फिर भी थाने में उसके रुपए जमा हो गए और अपना इलाज उसको खुद कराना पड़ा। दो दिन तक कोई FIR दर्ज नहीं हुई और वो थाने के चक्कर काटता रहा। आसिफ बिना कोर्ट में पेश हुए 48 घंटे से ज्यादा हवालात में रह लिया। शायद पुलिस कुछ लेन देन करके मामला ख़त्म कर देना चाहती थी।

इधर आशीष को कॉलेज की फीस भरनी थी – वो थाने के चक्कर अलग लगा रहा था। आखिर लेन देन वाला मामला भी सेट नहीं हुआ। राजीनामा में मन चाही रकम का मामला सही नहीं बैठा और तब तक प्रेस वाले को भी खबर हो गयी।

आखिर FIR तीसरे दिन दर्ज हुई और फिर पेपर में खबर छपी जो इस प्रकार थी – ‘एटीएम में लोगों को मदद करने के नाम पर पैसे उड़ा ले जानेवाले को पुलिस ने दो किलोमीटर दौरा कर पकड़ा। ‘ न बंदी प्रतिक्षीकरण के तहत न आसिफ को समय पर कोर्ट मिला और न आशीष को समय पर उसके रूपए।
पुलिस भी क्या करे। संख्या है नहीं और काम ज्यादा। एक एक पुलिस वाले को रोज 20 -20 घंटे तक काम करना पड़ता है और वो भी सीमित वेतन में। अब रफा दफा ना हो तो क्या हो।
A.Kumar

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Submitted by: A.Kumar
Submitted on: Thu Sep 18 2014 12:36:13 GMT+0530 (IST)
Category: Original
Language: हिन्दी/Hindi

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नेता जी
वो पटना साइंस कॉलेज से बारहवीं पास करने के बाद आई.आई. टी दिल्ली से डिग्री लेकर नौकरी करने आये अपने स्टेट में एक पथ निर्माण विभाग के इंजीनियर के तौर पर। वो चाहते तो विदेश में जाकर अच्छा दाम कमा सकते थे पर बिहार के नए मुख्यमंत्री के भासन सुनने के बाद उनका अपने प्रदेश के लिए कुछ करने का जज्बा पक्का हो गया था।
पर काम करते हुए महीना नही हुआ की वो समझ गए की बिहार की सड़क कभी सुधर नही सकती क्योँकि ये तो सड़क निर्माण बिभाग के नेता जी के कमाई से सीधा जुड़ा हुआ मामला था।
मुख्यमंत्री के पास शिकायत की चिट्ठी लिखी। पर वो चिट्ठी फिर अग्रेसित की गयी पथ निर्माण मंत्री के पास। यानि खुद के खिलाफ जांच का जिम्मा खुद मंत्री जी को ही सौंपा गया। अब तो मंत्री जी का आग बबूला होना स्वभाविक था।
मंत्री जी ने तुरंत इंजीनियर के खिलाफ जाँच शुरू की तो पता चला की इंजीनियर साहब की डिग्री तो न ही AICTE और न ही UGC से मान्यता प्राप्त है। बस मंत्री जी ने बर्खास्तगी का फरमान जारी कर दिया।
अब खबर तो बननी ही थी। बवेला मचा जब मंत्री जी के खिलाफ तो वो पुराने औकात पर आये। यानी गुंडा गर्दी पर और इंजीनियर साहब को मरवाकर रेल की पटरी पर फेंकवा दिया। खूब जांच हुई और आज भी जांच चल रही है। और आज भी हर साल सड़क बनती है मंत्री जी से लेकर सभी नेता खूब कमाई करते हैं।
A.Kumar

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Submitted by: A.Kumar
Submitted on: Wed Sep 03 2014 12:53:59 GMT+0530 (IST)
Category: Original
Language: हिन्दी/Hindi

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I live on earth ;
Since my first day of birth.
It is a rotating planet;
From down it looks like a magnet.
It is a home for plants, humans, wildlife and trees;
Let us all live in peace.
Among the planets Jupiter is the king;
Around Saturn there is a huge ring.
Mars is a planet of red ;
Where the aliens sleep in bed.
People love mercury ;
Because it has a story for glory.
Oh my dear Neptune !
And please dance to my tune .
The other two planets Uranus and Venus;
They have never travelled in a bus.
Sun is blazing hot ;
In summer it shines a lot.
In the evening sky appears the bright moon;
Which can’t be seen in the noon;
Stars are a part of milky way
From down it looks like a silky tray

-BY SRI VABHAV
V-A
CHINMAYA INTERNATIONAL RESIDENTIAL SCHOOL COIMBATORE,
TAMILNADU,
INDIA

VAIB

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Submitted by: VAIB
Submitted on: Thu Sep 18 2014 10:50:08 GMT+0530 (IST)
Category: Original
Language: English

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